प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार, 28 जनवरी 2026 को अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ग्रुप की करीब 1,885 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। इस नई कार्रवाई के साथ ही इस जांच में अब तक कुल 12,000 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। यह कार्रवाई PMLA कानून के तहत की गई है।
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किन संपत्तियों को किया गया जब्त
ED ने जिन संपत्तियों को अटैच किया है, उनमें बैंक डिपॉजिट, शेयर और कुछ प्रॉपर्टी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि Value Corp Finance के 148 करोड़ रुपये के बैंक डिपॉजिट और 143 करोड़ रुपये की रिसीवेबल्स को जब्त किया गया है। इसके अलावा, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की BSES यमुना पावर, BSES राजधानी पावर और मुंबई मेट्रो वन में हिस्सेदारी भी जब्त की गई है।
क्या है पूरा मामला
यह जांच यस बैंक (Yes Bank) और रिलायंस ग्रुप की कंपनियों के बीच हुए लेन-देन से जुड़ी है। आरोप है कि 2017 से 2019 के बीच यस बैंक ने रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस में निवेश किया था। जांच एजेंसी का कहना है कि इन पैसों को गलत तरीके से इधर-उधर किया गया, जिससे बैंक और आम निवेशकों को भारी नुकसान हुआ। ये लोन बाद में NPA बन गए थे, जिसके बाद ED ने यह जांच शुरू की थी।