वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को संसद में बजट पेश करने जा रही हैं। इस बार के बजट में 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को शामिल किया गया है। यह रिपोर्ट तय करेगी कि आने वाले 5 सालों तक केंद्र सरकार अपनी कमाई का कितना हिस्सा राज्य सरकारों को देगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को यह रिपोर्ट पहले ही सौंपी जा चुकी है।
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कब से लागू होंगे नए नियम?
अरविंद पनगढ़िया की अध्यक्षता में बने इस आयोग ने अपनी रिपोर्ट तैयार की है। सरकार ने इन सिफारिशों को मान लिया है।
- लागू होने की तारीख: 1 अप्रैल 2026
- कब तक रहेगा प्रभावी: 31 मार्च 2031 तक
- बजट में ऐलान: 1 फरवरी 2026
राज्यों और आम आदमी पर क्या होगा असर?
पिछले वित्त आयोग ने सुझाव दिया था कि राज्यों को केंद्रीय टैक्स का 41% हिस्सा मिलना चाहिए। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या नए आयोग ने इस हिस्सेदारी को बढ़ाया है या वही रखा है। विपक्षी दलों की सरकार वाले राज्य लगातार फंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
इसके अलावा, इस रिपोर्ट में ग्राम पंचायतों और नगर पालिकाओं को दिए जाने वाले अनुदान (Grants) का भी जिक्र है। आपदा प्रबंधन के लिए भी अलग से फंड की व्यवस्था की गई है, जिससे राज्यों को मुश्किल समय में मदद मिल सकेगी।